नई दिल्ली: एक वायरस ने हर तरफ कोहराम मचा रखा है, तो कोरोना के लिए इस मुश्किल दौर में इंसान को सिर्फ एक ही सहारा नजर आ रहा है और वो सहारा भगवान का है. करीब 40 फीसदी लोगों का भरोसा पहले के मुकाबले बढ़ गया है.
"कोरोना से सिर्फ भगवान ही बचा सकते हैं"
ये खुलासा एम्स ऋषिकेश, Post Graduate Institute of Medical Education and Research, Chandigarh और 15 मेडिकल इंस्टिट्यूट की एक स्टडी में हुआ है. भगवान में बड़े इस विश्वास की वजह ये है कि लोग कोरोना के इस दौर में खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं और उन्हें लगता है कि ऐसे में सिर्फ भगवान ही उन्हें बचा सकते हैं. क्योंकि अभी तक कोरोना वायरस की वैक्सीन भी दुनिया के किसी देश को नहीं मिली है.
कोरोना का हाल में लोग अलग-अलग समस्याओं से जूझ रहे हैं, किसी के पास नौकरी नहीं है तो कोई बिजनेस में नुकसान झेल रहा है. आगे क्या होगा इस बात का भी किसी को कोई अंदाजा नहीं है और लोगों को लगता है कि इन सभी परेशानियों से सिर्फ भगवान ही बचा सकते हैं.
इस स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा
इस स्टडी में पता चला है कि करीब 21.2 प्रतिशत लोगों का भरोसा भगवान में पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जबकि 18.3 फीसदी लोगों का विश्वास पहले के मुकाबले भगवान में बड़ा है.
हालांकि दिलचस्प बात ये है कि 50.1 फीसदी लोग ऐसे हैं जिनका भगवान के प्रति विश्वास पहले जैसा ही है, जबकि 4.4 प्रतिशत लोगों का विश्वास पहले के मुकाबले ईश्वर में कम हुआ है और 4 फीसदी लोग ऐसे भी हैं जिनका भरोसा ईश्वर में पहले के मुकाबले बहुत कम हो गया है.
इस स्टडी में लोगों को उनके फोन पर सवाल भेजे गए लोगों की जवाबों का विश्लेषण एक्सपर्ट्स ने किया जिसके बाद स्टडी के नतीजे सामने आए. रोचक बात यह है कि इस स्टडी में ये भी पता चला कि कोरोना काल में लोगों के रिश्ते अपने पड़ोसियों और जीवन साथी के साथ भी बेहतर हुए हैं.
इसे भी पढ़ें: India Vs Corona: भारत में कैसे बढ़े कोरोना के मामले? जानिए यहां पूरा Update
इसे भी पढ़ें: संसद से PM मोदी की सलाह "कोरोना काल में जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं"