Stock Market Update: कब तक गिरता रहेगा शेयर बाजार.. गिरावट निवेशकों में बेचैनी, जानिए क्या हैं वजहें?
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Stock Market Update: कब तक गिरता रहेगा शेयर बाजार.. गिरावट निवेशकों में बेचैनी, जानिए क्या हैं वजहें?

Stock Market Crash: शेयर बाजार में लगातार गिरावट का दौर जारी है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ती जा रही है. आज भी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 122 अंकों की गिरावट के साथ 76,171 पर बंद हुआ.

Stock Market Update: कब तक गिरता रहेगा शेयर बाजार.. गिरावट निवेशकों में बेचैनी, जानिए क्या हैं वजहें?

Stock Market Crash: शेयर बाजार में लगातार गिरावट का दौर जारी है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ती जा रही है. आज भी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 122 अंकों की गिरावट के साथ 76,171 पर बंद हुआ. पिछले सात दिनों में सेंसेक्स में कुल 2,412 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है. इस गिरावट के चलते बाजार में लगभग 25 लाख करोड़ रुपये की पूंजी खत्म हो चुकी है.

क्यों गिर रहा है शेयर बाजार?

विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर बाजार में इस गिरावट के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं. सबसे बड़ी वजह अमेरिकी व्यापार नीतियों में जारी अस्थिरता और टैरिफ वॉर है. इसके अलावा घरेलू आर्थिक वृद्धि की धीमी रफ्तार और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली भी बाजार पर नकारात्मक असर डाल रही है.

अमेरिकी नीतियों का असर

अमेरिकी व्यापार नीतियों में बदलाव और ट्रंप प्रशासन की टैरिफ वॉर (शुल्क युद्ध) नीति के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ी है. इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है. अमेरिका में नए व्यापार शुल्क लागू किए जाने की अटकलों से विदेशी निवेशकों का विश्वास कमजोर हुआ है, जिसके चलते वे भारतीय बाजार से निवेश निकाल रहे हैं.

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में गिरावट

फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) यानी विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस साल अब तक भारतीय बाजार से 1 लाख करोड़ रुपये की निकासी कर ली है. जब भी विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों को बेचते हैं, तो बाजार में गिरावट देखने को मिलती है. इसका सबसे ज्यादा असर बैंकिंग, आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर पड़ता है.

घरेलू अर्थव्यवस्था की सुस्ती

भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर में सुस्ती भी बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है. औद्योगिक उत्पादन में कमी, महंगाई दर में वृद्धि और उपभोक्ता मांग में गिरावट के कारण निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है. इसके चलते बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है.

आगे क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में स्थिरता तभी आएगी जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक नीतियों में स्पष्टता आएगी और घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार होगा. निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत है. लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अच्छा मौका हो सकता है, लेकिन शॉर्ट-टर्म निवेशकों को सोच-समझकर फैसले लेने चाहिए.

निवेशकों के लिए सलाह

लॉन्ग-टर्म निवेश पर ध्यान दें - बाजार में गिरावट के बावजूद अच्छी कंपनियों के शेयर में निवेश करें.

डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाएं - केवल एक सेक्टर में निवेश करने की बजाय, अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश करें.

इंट्राडे ट्रेडिंग से बचें - जब बाजार अस्थिर हो, तो दिनभर के ट्रेडिंग (इंट्राडे ट्रेडिंग) से बचें.

बाजार की चाल पर नजर रखें - अमेरिकी नीतियों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर ध्यान दें.

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